gaaravaa
पुढिल भाग >कधी हवा ती कुम्द रहाते<">जीवन त्याने मग कोंदटतेआशा वेळी कुणी मधुररवानेनैराश्याने पुरे ग्रासुनी >कुणी जातसे हताश होउनी अशावेळी तो सहानुभूतीचा c>शब्द ठरे गारवा [5
last in last out " was the last poem that as been written till 2015.
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